मौली बांधने से महादेव के मंदिर में हर मुराद होती है पूरी, चमत्कारिक रूप से प्रकट हुआ था शिवलिंग

अगर आपसे कोई यह सवाल पूछे कि आपको ईश्वर पर कितना विश्वास है तो ज्यादातर लोगों का जवाब यही होगा कि हमें ईश्वर पर पूरा भरोसा है, अब सवाल यह आता है कि आखिर आपको ईश्वर पर क्यों भरोसा है? दरअसल, आपके जीवन में ऐसी कोई ना कोई घटनाएं अवश्य हुई होंगी जिसकी वजह से आप भगवान पर विश्वास करने लगे हैं, ऐसे बहुत से लोग हैं जो कठिन समय में जब भगवान का स्मरण करते हैं तो उनकी परेशानियां कम हो जाती है, जिसके चलते लोगों का भगवान पर अटूट विश्वास देखने को मिलता है।

अगर हम देवताओं में भोलेनाथ की बात करें तो इनकी महिमा अपरंपार बताई गई है, ऐसा बताया गया है कि महादेव अपने भक्तों की सच्ची भक्ति से बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और इनको प्रसन्न करना कोई कठिन कार्य नहीं है, ऐसा कहा जाता है कि जो भक्त अपनी सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ इनको एक लोटा जल अर्पित कर देता है तो यह उतने में ही अपने भक्तों से खुश हो जाते हैं, पुराणों में भी इस बात का जिक्र मिलता है कि भगवान शिव जी अपने सच्चे भक्तों से तुरंत प्रसन्न होते हैं और उनको मन मुताबिक फल देते हैं।

हमारे भारत देश में महादेव के बहुत से प्रसिद्ध मंदिर मौजूद है और इन मंदिरों से लोगों की अटूट आस्था जुड़ी हुई है, महादेव को प्रसन्न करने के लिए लोग इनकी पूजा-अर्चना करते हैं और कई लोग तो तरह-तरह के उपाय भी अपनाते हैं, जिससे यह शिव जी को जल्द से जल्द प्रसन्न कर सके, आज हम आपको एक ऐसे शिवजी के मंदिर के बारे में जानकारी देने वाले हैं जिसका चमत्कार दुनिया भर में प्रसिद्ध है और इस मंदिर के अंदर हर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती है, ऐसा बताया जाता है कि इस मंदिर से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटा है, इस मंदिर में जो शिवलिंग मौजूद है वह किसी ने स्थापित नहीं किया था बल्कि यह शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ था।

हम आज जिस मंदिर के बारे में आपको जानकारी देने वाले हैं यह मंदिर पंजाब के राजपुरा में स्थित है, यह प्राचीन शिव मंदिर नलास में है, शिव जी के इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस मंदिर के अंदर जो शिवलिंग मौजूद है वह अपने आप प्रकट हुआ था, शिव जी के इस मंदिर के अंदर वर्षभर भक्तों की भारी भीड़ लगी रहती है, लेकिन जब सावन या फिर शिवरात्रि का समय आता है तो यहां का नजारा ही कुछ अलग होता है, इस समय के दौरान यहां पर काफी अधिक संख्या में भक्त आते हैं और यहां पर अपनी मुरादें मांगते हैं, भगवान शिव जी का यह मंदिर 550 वर्ष पुराना बताया जाता है, जो भक्त शिव जी से अपनी मनोकामना मांगता है वह मनोकामना अवश्य पूरी होती है।

अगर आप इस मंदिर के परिसर में जाएंगे तो आपको यहां पर 140 फुट ऊंचा त्रिशूल स्थापित दिखाई देगा, इसी जगह पर भगवान शिव जी की 108 फीट ऊंची प्रतिमा स्थित है, इस मंदिर में जो भी श्रद्धालु आते हैं उनका ऐसा बताना है कि इस मंदिर के परिसर में 500 वर्ष पुराना बोहड़ का वृक्ष लगा हुआ है, जो भी शिव भक्त इस पेड़ पर लाल धागा यानी मौली बांधकर अपनी मनोकामना मांगता है तो भगवान भोलेनाथ उसकी सभी इच्छाएं पूरी करते हैं, यहां पर लगे पेड़ पर लोग मौली बांधकर अपनी मुराद मांगते हैं।

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