शनिदेव के 6 सबसे चमत्कारिक मंदिर, जहां दर्शन करने वाले भक्तों के दूर होते है शनि दोष

अगर मनुष्य के ऊपर भगवान का आशीर्वाद बना रहे तो जीवन की सभी दुख-तकलीफें से दूर होती हैं, हर व्यक्ति यही चाहता है कि उसको अपने जीवन में भगवान की कृपा दृष्टि प्राप्त हो, जिससे वह अपना गुजर-बसर ठीक प्रकार से कर पाए, अगर हम शनिदेव की बात करें तो भगवान शनि देव को ग्रहों में सबसे प्रभावशाली ग्रह माना जाता है, यह कर्म फल दाता भी कहे जाते हैं, यह मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार ही फल प्रदान करते हैं, इसी कारण शनि देव की पूजा करते समय व्यक्ति बहुत सी सावधानियां बरतता है ताकि यह नाराज ना हो और व्यक्ति हमेशा इनके गुस्से से बच पाए, ऐसे बहुत से लोग हैं जो शनिवार के दिन शनि देव की पूजा अर्चना करते हैं और अपने जीवन को सुखमय बनाने की प्रार्थना करते हैं।

शनिदेव अगर किसी व्यक्ति की भक्ति से प्रसन्न हो जाए तो उस व्यक्ति का जीवन खुशहाल बन जाता है और वह अपने जीवन में लगातार तरक्की की ओर बढ़ता है, वैसे देखा जाए तो देश के कोने-कोने में शनि मंदिर मौजूद है और इन मंदिरों में लोग शनिदेव की पूजा अर्चना करते हैं और इनकी कृपा प्राप्त करने की हरसंभव कोशिश में लगे रहते हैं, अगर आप भी शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के इच्छुक हैं और अपने जीवन की परेशानियों से छुटकारा प्राप्त करना चाहते हैं तो आज हम आपको शनिदेव के ऐसे चमत्कारिक मंदिरों के बारे में जानकारी देने वाले हैं, जो दुनिया भर में प्रसिद्ध है, ऐसा कहा जाता है कि इन मंदिरों में दर्शन करने मात्र से ही व्यक्ति के ऊपर से शनि का बुरा प्रभाव दूर हो जाता है और व्यक्ति का जीवन खुशहाल बनता है।

शनि मंदिर, इंदौर

शनिदेव का एक प्राचीन मंदिर इंदौर में स्थित है, यह चमत्कारिक मंदिर जुनी इंदौर में बना हुआ है, यह मंदिर सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे प्राचीन शनि मंदिर माना जाता है, इस मंदिर के विषय में ऐसा बताया जाता है कि जुनी इंदौर में शनि देव स्वयं पधारे थे।

शनिचरा मंदिर, मुरैना

भारत का सबसे प्राचीन शनि मंदिर मध्यप्रदेश में ग्वालियर के नजदीकी ऐंती गांव में मौजूद है, इस शनि मंदिर का विशेष महत्व माना गया है और इस मंदिर में जो शनि देव की प्रतिमा मौजूद है वह भी विशेष बताई जाती है, ऐसा कहा जाता है कि यहां पर जो प्रतिमा मौजूद है वह आसमान से टूटकर गिरे एक उल्कापिंड से निर्मित हुई थी, ज्योतिषी और खगोलविद मानते हैं की शनि पर्वत पर निर्जन वन में स्थापित होने की वजह से यह स्थान विशेष प्रभावशाली बन गया है।

शनि शिंगणापुर

शनि महाराज की कृपा अगर प्राप्त करना चाहते हैं तो आप महाराष्ट्र में स्थित शनि मंदिर में अवश्य जाएं, यह मंदिर देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी प्रसिद्ध है, बहुत से लोग ऐसे हैं जो शनि देव के इस मंदिर को शनि देव का जन्म स्थान भी बताते हैं, ऐसा बताया जाता है कि इस स्थान पर शनिदेव मौजूद है परंतु यहां पर मंदिर नहीं है, यहां पर घर है लेकिन दरवाजा नहीं है, यहां पर वृक्ष मौजूद है परंतु यहां पर छाया नहीं है, शिंगणापुर के चमत्कारिक मंदिर में जो शनि प्रतिमा स्थित है यह करीब 5 फीट 9 इंच ऊंची है और इसकी चौड़ाई 1 फीट 6 इंच है, शनि देव के इस मंदिर में देश-विदेश से श्रद्धालु यहां पर दर्शन करने के लिए आते हैं, इस स्थान पर शनिदेव की दुर्लभ प्रतिमा के दर्शन मिलते हैं, ऐसा बताया जाता है कि इस प्रतिमा के दर्शन करने से व्यक्ति को शुभ लाभ की प्राप्ति होती है।

शनि मंदिर, तिरुनल्लर

भारत में स्थित यह शनि मंदिर सबसे पवित्र स्थान माना गया है, शनि महाराज को समर्पित यह मंदिर तमिलनाडु के नवग्रह मंदिर में से एक माना जाता है, अगर किसी व्यक्ति के ऊपर शनिदेव का प्रकोप है, उसका बुरा भाग्य चल रहा है, गरीबी व्यक्ति का पीछा नहीं छोड़ रही है या फिर अन्य कोई बुरा प्रभाव है तो इस मंदिर में पूजा करने से सभी बुरे प्रभावों से छुटकारा मिलता है।

शनि तीर्थ क्षेत्र, असोला, फतेहपुर बेरी

शनि महाराज का यह प्राचीन मंदिर दिल्ली के महरौली स्थान में स्थित है, इस स्थान पर शनि महाराज की सबसे बड़ी मूर्ति मौजूद है, और यह मूर्ति अष्ट धातुओं से निर्मित है।

शनि मंदिर, प्रतापगढ़

शनि के प्राचीन मंदिरों में से एक भारत के सबसे प्रमुख शनि मंदिर का नाम उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ शनि मंदिर का भी आता है, यह मंदिर शनि धाम से विख्यात है, शनिदेव का यह मंदिर लोगों की श्रद्धा और आस्था का केंद्र बना हुआ है, ऐसा कहा जाता है कि यह ऐसा स्थान है जहां आते ही भक्त भगवान शनि की कृपा का पात्र हो जाता है, यह स्थान चमत्कारों से भरा हुआ है।

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