ये मुस्लिम शख्स रामजी की सेवा में कर चुका है अपना जीवन समर्पित, राम मंदिर की करता है देख-रेख

Muslim Man of Bangaluru Saddam Hussein does Ram Temple Take Care: एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु का रहने वाला एक मुस्लिम शख्स जिसका नाम सद्दाम हुसैन है जोकि राम मंदिर की साफ-सफाई करता है, इसने अपना जीवन भगवान राम जी को समर्पित कर दिया है।

जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं शुरू से ही हमारे देश में जाति एवं धर्म को लेकर बहुत से वाद-विवाद होते आ रहे हैं, राजनीति पार्टियां भी जाति और धर्म को लेकर बहुत से मुद्दे खड़ी करती आ रही है, धर्म-जाति के नाम पर वोट मांगना जैसे एक तरह का रिवाज बन चुका है, सभी पार्टियों के लोग धर्म और जाति के नाम पर वोट मांगने का काम करते आ रहे हैं, जैसे-जैसे समय गुजरता जा रहा है वैसे-वैसे हमारे देश में भी बहुत से बदलाव होते आ रहे हैं, वर्तमान समय में भी ऐसे बहुत से लोग हैं जो धर्म और जाति से ऊपर इंसानियत को देखते हैं, जहां एक तरफ राजनीति पार्टियां हिंदू और मुसलमान के मुद्दों को उठाकर दोनों धर्म के व्यक्तियों के बीच आपसी दीवार खड़ी करने में लगी हुई है, वहीँ एक ऐसा मामला सामने आया है जिसको जानने के बाद आप काफी आश्चर्यचकित हो जाएंगे।

Muslim Man of Bangaluru Saddam Hussein

Muslim Man of Bangaluru Saddam Hussein

दरअसल, हम जिस मामले की आपको जानकारी दे रहे हैं यह मामला बेंगलुरु के राजाजी नगर इलाके की है, इस इलाके में एक 28 वर्षीय मुस्लिम व्यक्ति रहता है, जिसका नाम सद्दाम हुसैन है, इसकी कहानी धार्मिक एकता की एक मिसाल इन पार्टियों के सामने पेश करती है, आपको बता दें कि यह मुस्लिम शख्स सद्दाम हुसैन रोजाना राम मंदिर जाता है और राम मंदिर की साफ-सफाई भी करता है, सद्दाम हुसैन राम मंदिर की पूरी साफ-सफाई का अच्छा खासा ध्यान रखता है, यह राम मंदिर को बिल्कुल साफ-सुथरा रखता है और इसको बिल्कुल भी गंदा नहीं होने देता है, जो भी भक्त राम मंदिर में आते हैं सभी लोग सद्दाम हुसैन की खूब तारीफ करते हैं, इतना ही नहीं भक्तों के अतिरिक्त भी सद्दाम हुसैन के परिवार वाले भी अपने बेटे के द्वारा किए गए इस कार्य से काफी खुश हैं, वह अपने बेटे के ऊपर काफी गर्व महसूस करते हैं।

Muslim Man of Bangaluru Saddam Hussein: राम मंदिर की साफ-सफाई कर रहा है 3 सालों से

आप सभी लोगों को इस जानकारी से अवगत करा दे कि सद्दाम हुसैन इस मंदिर में कार्य करने से पहले एक दुकान पर काम करता था, उस दौरान जिस दुकान पर यह कार्य करता था उस दुकान के मालिक की ओर से मंदिर की साफ-सफाई की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, सद्दाम हुसैन इस जिम्मेदारी को अपनाते हुए मंदिर की साफ-सफाई का कार्य आरंभ कर दिया था, सद्दाम हुसैन जिस दुकान में कार्य करता था उस दुकान के मालिक का नाम वेंकटेश बाबू था, इनके अनुसार राम मंदिर की कमेटी के लिए जब इनको चुना गया तो उन्होंने सद्दाम हुसैन को मंदिर की साफ-सफाई की जिम्मेदारी सौंप दी थी और सद्दाम हुसैन ने भी सौंपी गई जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से निभाई है।

सद्दाम हुसैन हर वर्ष राम नवमी के अवसर पर आता है राम मंदिर

जब राम नवमी का अवसर आता है तो सद्दाम हुसैन हर वर्ष सबसे पहले राम मंदिर में उपस्थित होता है और वह राम मंदिर की ठीक प्रकार से साफ-सफाई करता है, ताकि जब भक्त इस मंदिर के अंदर आए तो उनको भगवान राम जी का मंदिर साफ-सुथरा मिले, जब सद्दाम हुसैन से यह पूछा गया कि वह इस राम मंदिर की साफ सफाई क्यों करते हैं? तो इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि “इस मंदिर की साफ-सफाई करने से मुझे मानसिक शांति प्राप्त होती है, मुझे इस राम मंदिर की साफ-सफाई करने में अच्छा लगता है” सद्दाम हुसैन ने यह कहा था कि वह इस मंदिर में साफ-सफाई करते हैं परंतु इस चीज को लेकर कभी किसी भी व्यक्ति ने विरोध नहीं किया है, सद्दाम हुसैन की कहानी जानने के बाद तो यह बात साफ हो चुकी है कि आजकल के समय में भी बहुत से लोग ऐसे हैं जो जाती-पाती और धर्म से ऊपर है, इनकी कहानी से यह मालूम होता है कि हिंदू और मुसलमान व्यक्तियों के बीच कितना आपसी भाईचारा और प्रेम-व्यवहार है।

जनता हुई सोशल मीडिया पर फैन

सद्दाम हुसैन के इस कार्य से सोशल मीडिया पर भी इनको खूब तारीफ मिल रही है, लोगों ने ट्विटर पर ट्वीट करके अपनी राय रखी है और लोग सद्दाम हुसैन के इस कार्य की काफी प्रशंसा कर रहे हैं, लोग इनको एक सच्चा मुसलमान बता रहे हैं।

यह भी पढ़ें-

बेहतरीन खबरें जानने के लिए आप हमारे साथ फेसबुक पेज से जुड़े

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *