भारत का चमत्कारिक मंदिर जहां फर्श पर सोने से महिलाएं हो जाती है गर्भवती, जानिए इसका रहस्य

लोगों के मन में भगवान के प्रति अटूट विश्वास है, जिसकी वजह से यह अक्सर किसी ना किसी भगवान की रोजाना पूजा-अर्चना करते हैं, और अपने घर परिवार की सुख-शांति के लिए कामना करते हैं, इसके अलावा बहुत से लोग ऐसे हैं जो भगवान के दर्शन करने के लिए मंदिरों में जाते हैं और मंदिरों में अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं, हमारे भारत देश में ऐसे विभिन्न प्रकार के मंदिर स्थित है जिनके प्रति लोगों की अटूट आस्था देखने को मिलती है, इन देवी-देवताओं के मंदिरों से जुड़ी हुई बहुत सी कथाएं और मान्यताएं मशहूर है।

इन मंदिरों की कोई ना कोई खास बात या चमत्कार होता है जिसको देखने के लिए लोग भारी संख्या में इन मंदिरों में जाते हैं और इन मंदिरों के चमत्कार को देखकर कई बार लोगों को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं होता है, जो लोग आस्था में विश्वास रखते हैं वह इसको भगवान का चमत्कार समझते हैं परंतु जिन लोगों को भगवान पर विश्वास नहीं होता वह लोग सिर्फ इन सभी चीजों को अंधविश्वास की नजर से देखते हैं परंतु वास्तव में देखा जाए तो वर्तमान समय में भी चमत्कार देखने को मिलते हैं।

हमारे भारत देश में ऐसे बहुत से मंदिर मौजूद है जिन मंदिरों की अपनी अलग ही खासियत है, किसी मंदिर में बीमारी का समाधान होता है तो किसी मंदिर में लोगों के पाप दूर होते हैं, सभी मंदिरों से जुड़ी हुई अलग-अलग मान्यता है परंतु आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में जानकारी देने वाले हैं जिस मंदिर के फर्श पर सोने मात्र से ही महिलाएं गर्भवती हो जाती है जी हां, आप लोग बिल्कुल सही सुन रहे हैं शायद आपको यह सुनकर आश्चर्य भी हुआ होगा परंतु यह बात बिल्कुल सत्य है, अक्सर लोग यह सुनकर हैरत में पड़ जाते हैं, यह कोई अफवाह नहीं है बल्कि यह सच्चाई है, इस मंदिर के फर्श पर सोने से महिलाएं गर्भवती हो जाती हैं आखिर इस मंदिर का ऐसा क्या रहस्य है जिसकी वजह से महिलाएं गर्भवती हो जाती है? आज हम आपको इसी विषय में बताने वाले हैं।

मंदिर के फर्श पर सोने से महिलाएं हो जाती हैं गर्भवती

आज हम जिस मंदिर के बारे में आपसे बात कर रहे हैं यह मंदिर हिमाचल प्रदेश में एक गांव में स्थित है, जिसको सिमसा के नाम से लोग जानते हैं, इस गांव की पहाड़ियों में गुफा के सामान स्थान है जहां पर सिमसा देवी का एक भव्य और चमत्कारिक मंदिर मौजूद है, ऐसा बताया जाता है कि इस मंदिर में जो महिलाएं निसंतान होती है अगर वह यहां के फर्श पर सो जाए तो वह गर्भधारण कर लेती हैं और उनको संतान सुख मिलता है।

आप लोगों में से बहुत से लोग ऐसे होंगे जिनको इन सभी बातों पर विश्वास नहीं हो रहा होगा, परंतु जो जानकारी हम आपको दे रहे हैं यह बिल्कुल सत्य है, जिन शादीशुदा जोड़ों की शादी के कई साल हो गए हैं परंतु उनको संतान सुख की प्राप्ति नहीं हुई है, जो स्त्रियां संतान ना होने के दर्द से गुजर रही है, अगर वह इस मंदिर के फर्श पर सो जाए तो वह गर्भवती हो जाती हैं, मंदिर के इस चमत्कार को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं जो महिलाएं निसंतान होती है वह इस मंदिर में अवश्य आती है, इस मंदिर को संतान दात्री के मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।

वैसे तो इस मंदिर के अंदर साल भर भक्तों की भारी भीड़ लगी रहती है, परंतु नवरात्र के दिनों में यहां पर सलिंदर का उत्सव बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है सलिंदर का अर्थ होता है सपने में आने वाला, जब निसंतान महिलाएं दिन रात इस मंदिर के फर्श पर सोती है तब उनको सपना आता है और इस सपने में उनको जो फल मिलता है उसी के अनुसार संतान प्राप्ति निश्चित होती है निसंतान स्त्रियां इस मंदिर में संतान प्राप्ति की इच्छा से आती है नवरात्रि के दौरान इस मंदिर के अंदर निसंतान स्त्रियों की भारी भीड़ देखने को मिलती है।

जब निसंतान महिलाएं इस मंदिर के अंदर अपनी पूरी श्रद्धा के साथ आती है तब वह इस मंदिर के फर्श पर लेट जाती हैं तब उनको सिमसा देवी सपने में किसी भी रूप में नजर आती है और उनको संतान प्राप्ति का आशीर्वाद देती हैं, इस मंदिर की देवी के लिए ऐसा बताया जाता है कि सिमसा देवी सपने में ही स्त्रियों को वरदान देती है और स्त्रियां सपने में ही माता से संतान प्राप्ति का आशीर्वाद लेती है, अगर महिलाओं को पुत्र या पुत्री होने वाली होती है तो इसका अनुमान सपने में ही लग जाता है, यहां के लोगों के अनुसार ऐसा बताया जाता है कि स्त्रियों को अगर सपने में कंदमूल प्राप्त होता है तो इसको देवी का आशीर्वाद माना जाता है, यहाँ देवी द्वारा होने वाली संतान के लिंग का भी संकेत मिलता है, अगर स्त्रियों को सपने में अमरूद का फल हाथ में मिलता है तो उनको पुत्र होता है, अगर भिंडी मिलती है तो पुत्री होती है, परंतु जब पत्थर, धातु और लकड़ी की वस्तु सपने में मिलती है तो इसका अर्थ होता है कि उस स्त्री को कभी भी संतान की प्राप्ति नहीं हो पाएगी।

इस मंदिर की सबसे खासियत यह है कि इस मंदिर के समीप एक पत्थर बहुत ही मशहूर है और इस पत्थर को दोनों हाथों से पकड़ कर भी हिलाया नहीं जा सकता है, परंतु यह पत्थर हाथ की सबसे छोटी वाली उंगली से हिल जाता है, अगर इस पत्थर को हिलाना है तो आप अपनी छोटी उंगली का प्रयोग कर सकते हैं, सच मायने में देखा जाए तो इस मंदिर का चमत्कार बहुत ही अद्भुत है, मंदिर के इसी चमत्कार की वजह से लोगों का विश्वास और अधिक बढ़ गया है, जिसकी वजह से निसंतान महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए इस मंदिर में दूर-दूर से आती है।

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