40 दिन माता के इस दरबार में हाजिरी लगाने से मनोकामनाएं होती है पूरी, माँ देती है आशीर्वाद

आजकल के समय में हर कोई व्यक्ति मंदिर अवश्य जाता है और मंदिर में जाकर भगवान के दरबार में अपना सिर झुकाता है और उसके मन की यही इच्छा होती है कि उसके सभी अधूरे सपने भगवान जल्द से जल्द पूरे कर दे, हर कोई व्यक्ति अपनी मनोकामनाओं को पूरा करने की प्रार्थना भगवान से करता है, बहुत से लोग तो ऐसे हैं जो रोजाना नियमित रूप से मंदिरों में भगवान के दर्शन करने के लिए जाते हैं, इसके साथ-साथ वह तरह-तरह के धार्मिक अनुष्ठान भी करवाते हैं, उनके मन में कहीं न कहीं यही इच्छा रहती है कि भगवान उनकी पुकार अवश्य सुनेंगे, और भगवान उनकी सभी मनोकामनाएं अवश्य पूरी करेंगे, अगर आपकी भी कोई अधूरी मनोकामना रह गई है तो आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में जानकारी देने वाले हैं जहां पर मात्र 40 दिनों तक लगातार माता के दरबार में हाजिरी लगाने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।

जी हां, आप लोग बिल्कुल सही सुन रहे हैं, एक ऐसा मंदिर मौजूद है जहां पर अगर आप 40 दिन तक माता के दर्शन करते हैं तो माता आपकी हर मनोकामनाएं पूरी कर सकती है, आप लोगों में से कई लोग ऐसे होंगे जो इस पर विश्वास नहीं कर रहे होंगे लेकिन पूरी जानकारी जानने के बाद आपको भी इस पर विश्वास अवश्य होने लगेगा, दरअसल, हम आपको जिस मंदिर के बारे में जानकारी दे रहे हैं यह मंदिर हरियाणा के पंचकुला में मौजूद है, इस स्थान पर देवी माता का एक मंदिर स्थित है, जिसको मनसा देवी मंदिर के नाम से लोग जानते हैं, ऐसा कहा जाता है कि अगर इस मंदिर के अंदर भक्त 40 दिनों तक माता के दरबार में हाजिरी लगाते हैं तो इससे सभी मनोकामनाएं माता रानी पूरी करती हैं।

मनसा देवी मंदिर से जुड़ी हुई एक मान्यता के अनुसार ऐसा बताया जाता है कि जब माता सती अपने पिता राजा दक्ष के घर अश्वमेघ यज्ञ में बिना बुलाए पहुंच गई थी तब वहां पर उनका सत्कार नहीं किया गया था, जिसकी वजह से माता रानी काफी दुखी हुई और उन्होंने अग्निकुंड में ही कूद कर आत्मदाह कर दिया था, जब माता सती के आत्मदाह की जानकारी भगवान शिव जी को लगी तब वह तुरंत ही यज्ञ के स्थान पर पहुंच गए थे, उन्होंने माता सती के शरीर को देखा और उनके शरीर को लेकर तांडव नृत्य करने लगे, शिवजी माता सती के शरीर को लेकर इधर-उधर भटकने लगे थे, भगवान शिव जी के इस रूप को देखकर सभी देवता घबरा गए थे और उनके मन में काफी चिंता होने लगी थी, तब भगवान विष्णु जी ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर को कई भागों में बांट दिया था।

जब भगवान विष्णु जी ने माता सती के शरीर पर सुदर्शन चक्र से प्रहार किया तब माता सती के शरीर के कई टुकड़े हो गए थे और उनके शरीर के अंग जहां जहां पर गिरे थे उन स्थानों पर शक्ति पीठ की स्थापना हुई थी, तब भगवान शिव जी ने कहा था कि जो इन स्थानों पर भगवती की अपनी सच्ची श्रद्धा और भक्ति भाव से आराधना करेगा उसकी सभी मुरादें जरूर पूरी होंगी, पंचकूला स्थान पर सती के सिर का हिस्सा गिरा था, जहां पर मनसा देवी शक्ति पीठ की स्थापना हुई थी और इस स्थान पर दर्शन करने वाले लोगों की भीड़ लगातार आने लगी थी।

माता मनसा देवी का यह मंदिर प्रकृति के सौंदर्य के बीच स्थित है, इस मंदिर के बारे में ऐसा माना जाता है कि जो भक्त अपने सच्चे मन और भक्ति भाव से लगातार 40 दिनों तक यहां आकर माता के दर्शन और पूजा-अर्चना करता है तो उसकी सभी मुरादें माता रानी पूरी करती है, वैसे तो इस मंदिर में वर्ष भर भक्तों की भारी भीड़ लगी रहती है परंतु चैत्र नवरात्र और आश्विन मास के नवरात्रि के दिनों में यहां का नजारा देखने लायक होता है, यह पूरे स्थान की रौनक देखने लायक है, इस समय के दौरान भारी की संख्या में भक्त दूर-दूर से आते हैं और माता के इस दरबार में हाजिरी लगाते हैं।

अगर आप कभी मनसा देवी मंदिर में जाने का विचार बनाए तो माता के दरबार में पहुंचना काफी सरल है, माता का यह मंदिर चंडीगढ़ से लगभग 10 किलोमीटर और हरियाणा के पंचकुला से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, आप इस स्थान पर बड़ी ही आसानी से पहुंच सकते हैं, वैसे तो यहां पर आने-जाने का साधन मौजूद है लेकिन नवरात्र के दिनों में माता के दरबार में आने वाले भक्तों के लिए विशेष बसें चलाई जाती है, अगर आप ट्रेन या प्लेन से यहां आना चाहते हैं तो चंडीगढ़ सबसे नजदीक है, आप माता के इस मंदिर में लोकल बस या ऑटो रिक्शा से भी आ सकते हैं, इन सभी की सुविधाएं यहां पर उपलब्ध है, आप समय निकालकर माता के इस दरबार में 40 दिनों तक अपने सच्चे मन से पूजा अर्चना अवश्य कीजिए, क्या पता माता रानी आपकी मनोकामनाएं कब सुन ले और आपके जीवन की सभी तकलीफें दूर हो जाए।

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